Support And Resistance Kya Hote h – और इनकी मदद से Trading कैसे आसान हो जाती है

Support and Resistance In Hindi
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Share marker में Investor हो या Trader सभी लोगों को Company के Share का सपोर्ट तथा रेजिस्टेंस – Support and Resistance का ज्ञान होना अति आवश्यक है क्योंकि यह Trading के Important Parts मे से एक तो आइये हम जानते है कि सपोर्ट तथा रेजिस्टेंस क्या है | Support and Resistance का Analysis कैसे करते है इन भी बातो के बारे मे ।

What Is Support and Resistance In Hindi – सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या होता है

यदि दो शब्दों में कहा जाय तो जिस Price Level पर से Company के Share में ज्यादातर Buying की जा रही हो तो उसे Support तथा जिस Level पर Share में ज्यादातर Selling की जाती हो उसे Resistance के नाम से जाना जाता है ज्यादातर Trader तथा Investor, Support And Resistance को आधार मानकर Trade करते है ।

What Is Support In Hindi – सपोर्ट क्या होता है

Share Market में किसी Company के Share का Support, Buying और Selling के दौरान अपने आप बन जाता है | जब किसी Company के Share में गिरावट होती है तो Share का एक level ऐसा होता है जहाँ बड़े-बड़े Investor को Share की कीमत Attractive लगने लगती है, तथा Investor उस Level पर Buying करने लगते है । अचानक Buying से Demand आती है तथा Share की Price में तेज़ी आ जाती है ।

जब Share की Price ऊपर चली जाती है तो Investor Buying बंद कर देते है लेकिन अब Market में Profit Booking करने वाले लोग Active हो जाते है जिस कारण Market में फिर Supply आती है और Share फिर उसी Level पर आ जाता है जहाँ से Investor ने बड़ा Investment किया था ।

एक बार फिर Investor को Share की Price Attractive लगती है, जिससे वो Buying करने लगते है जिससे फिर Demand आती है तथा Share की Price वापस ऊपर चली जाती है ।

यह Process कई बार होने से Buyers का एक Level बन जाता है जिसे Support Level कहा जाता है | यह हमेशा अपने वर्तमान बाज़ार दर अर्थात CMP(current market price) से निचे होता है ।

Minor And Major Support Levels – माइनर तथा मेजर सपोर्ट लेवल

जब Share किसी Level पर एक बार Support लेकर ऊपर चली जाती है तो इसे Minor Support Level तथा जब कोई Share बार-बार अपने Support पर आकर ऊपर चली जाती है तो उसे Major Support Level कहा जाता  है । Minor आसानी से Break हो जाते है जबकि Major Support Level आसानी से Break नहीं होते है ।

Use Of Support – सपोर्ट का प्रयोग

जब किसी Share की Price गिरते-गिरते अपने Support पर आती है, तो ज्यादातर मामलों में Share की Price यहाँ से ऊपर जाती है । अगर Share की Price ऊपर जाती है तो Investor या Trader इसमें Long Position बनाते है ।

Trader के लगातार Share Sell करने पर ही Share की Price अपने Support पर आती है । चूँकि ज्यादातर Trader, Share को Sell कर चुके होते है अतः अब उनके पास Sell करने के लिए ज्यादा कुछ बचा नहीं होता है । इस कारण से Support के Level से Share की Price के ऊपर Bounce करने की संभावना ज्यादा होती है ।

Support Break Down – सपोर्ट ब्रेक डाउन

ज्यादातर Investors/Trader Support पर Buying करते है लेकिन यदि किसी बड़े Investor/Trader  को Share की Price अब भी उसके Fare Price (Intrinsic Value) से अधिक लगती है, तो वे Share की एक अच्छी Quantity को Sell कर देते है जिससे Share में अचानक Supply आती है तथा Share अपने Support को तोड़कर निचे चली जाती है | इसे Share का Support Break Down कहा जाता है | Break Down होने के बाद वही Support अब Resistance का कार्य करता है ।

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How To Trade In Support Breakdown – ब्रेकडाउन मे कैसे ट्रेड करे

जब कोई Red Bearish Candle इस Support line को Break कर निचे आ जाये तो तथा यह अपना Closing Support Level के निचे देता है तो इसे Support का Break Down कहा जाता है |

जैसे ही अगली Candle इस Red Bearish Candle का Low Break करे तो Trader Selling का Trade ले सकते है । इस Pattern में Break Down करने वाली Candle के High को Stop-Loss लगाया जाता है ।

What Is Resistance In Hindi – रेजिस्टेंस

Share Market में Company के Share का Support बनता तथा टूटता रहता है | किसी भी Company का Resistance वह Level होता है, जहाँ पर Investor/Trader, Share में Selling Out करते है |

जब Investor तथा Trader को लगता है कि Share की Price अपने Fare value से ऊपर चली गयी है तो Trader/Investor, Share को Selling करना शुरू कर देतें है ऐसा बार-बार करने से Sell Out का एक Level बन जाता है, जिसे  रेजिस्टेंस(Resistance) कहा जाता है । यह हमेशा अपने वर्तमान बाज़ार दर अर्थात CMP(Current Market Price) से ऊपर होता है ।

Use Of Resistance – रेजिस्टेंस का प्रयोग

जब किसी Company का Share ऊपर जाते-जाते एक समय बाद उसकी Price उसके Fare Value से अधिक हो जाती है तो वहां पर Selling हावी हो जाती है तथा Trader इस Level पर Short Selling करते है ।

Minor And Major Resistance Levels – माइनर तथा मेजर रेजिस्टेंस लेवल

जब कोई Share किसी Level पर एक बार Resistance से निचे चली जाती है तो इसे Minor Level तथा जब कोई Share बार-बार एक ही Resistance से निचे चली जाती है तो उसे Major Resistance कहा जाता  है । Minor Resistance Level आसानी से Break हो जाते है जबकि Major Resistance Level आसानी से Break नहीं होते है ।

Resistance Break Down – रेजिस्टेंस ब्रेकआउट

अगर किसी बड़े Investor/Trader को Share के Resistance Level पर भी Share की Value Fare नजर आती है तो Share में एक बड़ी Buying का Order आता है जिससे अचानक Demand आती है और Share अपने Resistance को तोड़कर ऊपर निकल जाती है जिसे Resistance का Breakout कहा जाता है । सामान्यतः Breakout के बाद Share में बड़ी तेज़ी आती है जिसका फायदा Positional Trader Share को Buy करके उठाते है । Breakout होने के बाद वही Resistance अब Support का कार्य करने लगता है ।

How to Trade In Resistance Breakout – ब्रेकआउट मे कैसे ट्रेड करे

जब कोई Green Bullish Candle अपने Resistance के Level को तोड़कर ऊपर निकल जाये तो तथा अपनी Closing Resistance Level के ऊपर देती है तो इसे Resistance का Breakout कहा जाता है |

अब जैसे ही अगली कोई Candle इस Candle का High Break करें तो Trader Buying में Trade ले सकते है | इस पैटर्न में Trader को Stop-Loss Break करने वाली Bullish Candle का Low लगाना चाहिए ।

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TrendLine Support And Resistance In Hindi – ट्रेंडलाइन सपोर्ट तथा रेजिस्टेंस

जब कोई Share एक सीधी Line का Support लेकर ऊपर जाती है तो इस Line को Trendline Support कहा जाता है ।

जब कोई Share एक सीधी Line को Resistance मानकर निचे गिरती जाती है तो इस Line को Trendline Resistance कहा जाता है । जब किसी Company का Share Higher-Low या Lower-Lows बनाते हुए Trade करती है तो Higher-Low या Lower Low को Touch करते हुए एक Line बनाये तब जो Line बनती है उसे Trendline support कहा जाता है।

Support and Resistance Trading Strategy – सपोर्ट और रेजिस्टेंस ट्रेडिंग स्ट्रेटजी

ज्यादातर Trader, Candlestick Chart Patterns का प्रयोग करते है । Chart के अलग-अलग Time-Frame में अलग-अलग Support तथा Resistance बनाते है । Trader अपने Trade की सुविधा के अनुसार Chart का प्रयोग कर Trade लेते है जैसे –

Positional Trading(पोजीशनल ट्रेडिंग) करने वाले ज्यादातर Trader, Monthly तथा Weekly Chart के Time-Frame का प्रयोग करते है ।

Swing Trading(स्विंग ट्रेडिंग) करने वाले ज्यादातर Trader Weekly Chart या Daily Time-Frame का प्रयोग करते है ।

Intraday Trading(इंट्राडे ट्रेडिंग) करने वाले ज्यादातर Trader 1 Hours का Chart या इससे छोटे Time-Frame का Chart प्रयोग करते है ।

Support तथा Resistance के आधार पर Trade करने वाले Trader को Company के Fundamental से कोई लेना देना नहीं होता है वे केवल Support पर Buy कर Resistance पर अपना Profit Book करते है या Resistance पर Short Selling कर Support पर अपना Profit Book करते है ।

इसके अलावा Support Breakdown पर Short Selling कर तथा Resistance Breakout पर Long Position बनाकर Trader अपना Profit बनाते है ।

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